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post authorjitendar nayyar 14 Oct 2026 745

जमीन की धोखाधडी में फरार आरोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे.

देहरादून। भूमि धोखाधड़ी के मामले में दो साल से फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
मिली जानकाी के अनुसार जून 2024 को अरुण कुमार निवासी 2268 सेक्टर 28 फरीदाबाद हरियाणा ने कोतवाली विकासनगर पर तहरीर देकर बताया था कि गुरुबचन निवासी विकासनगर, मनुष निवासी ढकरानी, कमल सिहं निवासी वंशीपुर ढकरानी, चमन कुमार निवासी बाबूगढ विकासनगर तथा पूरण सिंह निवासी सदर बाजार सहारनपुर द्वारा उनका फर्जी आधार कार्ड बनाते हुए उनके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खडा कर उनकी भूमि का फर्जी मुख्तारनामा तैयार करते हुए उसे किसी अन्य को विक्रय कर दिया गया। प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर पुलिस ने कोतवाली विकासनगर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी। उक्त मुकदमें में वादी के स्थान पर मुख्तारनामे में फर्जी अरूण कुमार बनाम के खिलाफ अभियोग पंजीकृत होने के बाद से ही लगातार फरार चल रहा था, जिसके सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करने हेतु पुलिस द्वारा अभियुक्त के फर्जी आधार कार्ड में इस्तेमाल किये गये फोटो को नेट ग्रिड पोर्टल में अपलोड किया गया तथा नेट ग्रिड के माध्यम से उक्त फोटो से मिलतेकृजुलते व्यक्तियो के सम्बन्ध में प्राप्त जानकारी के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति को तस्दीक किया गया तो उक्त फोटो की सही पहचान उदित कुमार वर्मा पुत्र सुरेन्द्र कुमार वर्मा, निवासी धोबी घाट, तोता चैक, सिवेन्द्र विहार कॉलोनी, थाना मंडी, जनपद सहारनपुर, उत्तर प्रदेश के रुप में हुई, जिस पर तत्काल एक टीम को सहारनपुर रवाना कर प्रकाश में आये अभियुक्त उदित कुमार उपरोक्त को दिनांक- 13/10/2026 को पुलिस द्वारा मण्डी क्षेत्र सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में उसके द्वारा बताया गया कि वह पूर्व में वह सुनार का काम करता था तथा चांदी का सामान बेचने के सिलसिले में अक्सर विकासनगर, सहसपुर एवं सेलाकुई क्षेत्र में आता-जाता रहता था। इसी दौरान उसकी पहचान गुरुबचन सिंह उर्फ बब्बू सरदार से हुई थी। गुरूबचन सिंह द्वारा उसे हरबर्टपुर में स्थित एक जमीन, जो हरियाणा निवासी एक व्यक्ति के नाम पर दर्ज थी, के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए उसे उक्त जमीन का फर्जी मालिक बनकर मुख्तारनामा तैयार करवाने तथा उसके एवज में उसे मोटी धनराशि देने का लालच दिया गया। जिस पर उसके द्वारा गुरूबचन सिंह व उसके अन्य साथियो के साथ मिलकर भूमि के मूल मालिक अरूण कुमार के नाम का फर्जी आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज तैयार किये गये तथा आधार कार्ड में अभियुक्त द्वारा असली अरूण कुमार के स्थान पर अपनी फोटो का इस्तेमाल किया गया।