Breaking News
kotha
post authorjitendar nayyar 07 Nov 2026 847

हमारे घरों में जलने वाले दीपों के पीछे सैनिकों का त्याग और उनके परिवारों का समर्पण: मुख्यमंत्री.

देहरादून। शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने  गढ़वाल ग्रीन्स प्रशिक्षण मैदान, गढ़ीकैंट, देहरादून में आयोजित दीपावली मिलन कार्यक्रम में वीर जवानों के साथ दीपावली की खुशियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री ने जवानों को अपने हाथों से मिठाई खिलाई और उन्हें दीपावली की शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जवानों के साथ आत्मीयता से संवाद किया तथा देश की रक्षा में उनके साहस, शौर्य और समर्पण के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गढ़वाल रेजीमेंट के वीर जवानों के बीच आकर उन्हें अपने परिवार के साथ दीपावली मनाने जैसी अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि त्योहारों की वास्तविक खुशी अपनों के बीच होती है और सैनिक उनके लिए परिवार का ही हिस्सा हैं। पर्व के अवसर पर अपने घरकृपरिवार से दूर रहकर देश की रक्षा करना कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है। जब देशवासी अपने परिवारों के साथ दीपावली मनाते हैं, तब हमारे वीर जवान सीमाओं पर मुस्तैद रहकर उनकी खुशियों और सुरक्षा का दायित्व निभाते हैं। हमारे घरों में जलने वाले दीपों के पीछे सैनिकों का त्याग और उनके परिवारों का समर्पण भी है। मुख्यमंत्री ने अपने सैनिक परिवार से जुड़ी स्मृतियाँ साझा करते हुए कहा कि उनका जन्म एक सैनिक परिवार में हुआ है। उनके पिता ने सेना में रहते हुए देशसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के जो संस्कार दिए, वे आज भी उनके जीवन की सबसे बड़ी पूँजी हैं। उन्होंने कहा कि उनके पिता अक्सर गढ़वाल रेजीमेंट के वीर सैनिकों की शौर्यगाथाएँ सुनाया करते थे। विशेष रूप से महावीर चक्र से सम्मानित अमर शहीद जसवंत सिंह रावत के अदम्य साहस और बलिदान का उल्लेख करते थे। वर्ष 1962 के भारतकृचीन युद्ध में नूरानांग मोर्चे पर उनका पराक्रम भारतीय सैन्य इतिहास का गौरवशाली अध्याय है। आज उसी गौरवशाली रेजीमेंट के जवानों के बीच उपस्थित होकर उन्हें अपने पिता की बातें याद आ रही हैं। मुख्यमंत्री ने अमर शहीद जसवंत सिंह रावत सहित मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर सैनिकों को नमन किया। उन्होंने कहा कि गढ़वाल रेजीमेंट का इतिहास अदम्य साहस, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की गौरवगाथा है। प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध से लेकर स्वतंत्रता के बाद विभिन्न युद्धों एवं सैन्य अभियानों तक रेजीमेंट के जवानों ने अपनी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में निर्माणाधीन सैन्यधाम का कार्य भी लगभग पूर्ण हो चुका है। यह सैन्यधाम देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के शौर्य, त्याग और बलिदान का प्रतीक बनेगा। राज्य सरकार सैनिक परिवारों को हरसंभव सहयोग प्रदान करने तथा उनकी समस्याओं के संवेदनशीलता से समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर उत्तराखण्ड सब एरिया के डिप्टी जीओसी ब्रिगेडियर श्री राम सिंह थापा, कर्नल प्रतुल थपलियाल, लेफ्टिनेंट कर्नल रवि मोहन बिष्ट, लेफ्टिनेंट कर्नल मोहित जोशी, मेजर के.डी. सिंह एवं सूबेदार मेजर रघुवीर सिंह भण्डारी सहित सैन्य अधिकारी एवं जवान उपस्थित थे।