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post authorjitendar nayyar 31 Oct 2026 505

वन विभाग की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर.

नैनीताल। रामनगर क्षेत्र की वन विभाग की भूमि पर किए अतिक्रमण को हटाने के लिए पुलिस-प्रशासन और वन विभाग की तैयारियां पूरी कर ली थीं। शनिवार को तड़के से अतिक्रमण ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई। पुछड़ी गांव को दो सुपर जोन, पांच जोन और 14 सेक्टरों में विभाजित किया गया। कार्रवाई में लगभग 500 से अधिक जवान शामिल रहे।
कार्रवाई से पूर्व शुक्रवार को राजकीय महाविद्यालय में कुमाऊं भर से आए पुलिस बल व वनकर्मियों के साथ अधिकारियों की ब्रीफिंग हुई। एसएसपी मंजूनाथ टीसी व पुलिस अधीक्षक संचार रेवाधर मठपाल ने जवानों को ब्रीफ किया।पुलिस अधीक्षक डा. जगदीश चंद्र ने पुलिसकर्मियों से कहा कि ड्यूटी के दौरान सतर्कता जरूरी है और हर बात को गंभीरता से लेना होगा। अतिक्रमण की शुरुआत से लेकर अंतिम कार्रवाई तक मौके पर सक्रियता बनाए रखनी होगी।
पूरी व्यवस्था के लिए प्रभारी पुलिस अधीक्षक जगदीश चंद्र को नियुक्त किया गया है। साथ ही, तीन अपर पुलिस अधीक्षक जोन के प्रभारी रहेंगे। इस दौरान नैनीताल जिले के अपर जिलाधिकारी सौरभ असवाल, सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई के अलावा नैनीताल, कालाढूंगी, हल्द्वानी और रामनगर के एसडीएम मौजूद रहे।पुछड़ी में अतिक्रमण हटाने के दौरान विरोध से निपटने के लिए भारी पुलिस बल मंगाया गया। अतिक्रमण क्षेत्र से तीन किलोमीटर की परिधि तक संपूर्ण क्षेत्र में धारा 163 लागू कर दी गई।इस दौरान फायर ब्रिगेड टीम, दंगा नियंत्रण टीम, आंसू गैस दस्ता और क्विक रिस्पांस टीम भी शामिल रहेगा। कार्रवाई के लिए 20 जेसीबी, तीन बुलडोजर और मलबा उठाने के लिए 20 से अधिक डंपर, ट्रक तथा ट्रैक्टर शामिल किए गए हैं।पुछड़ी गांव में वन विभाग की जमीन पर कब्जा होने के बाद दस रुपये के स्टांप पर जमीन एक-दूसरे को बेची जाती रही। जमीन के इस खेल में माफिया ने चांदी काटी। पुछड़ी में कई जमीनें बाहर से आए लोगों ने खरीदीं। इसे रामनगर में जनसांख्यिकी बदलाव के रूप में भी देखा गया।पुछड़ी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को प्रशासन ने लगभग 21 लोगों को चिन्हित किया है। एसडीएम गोपाल सिंह ने बताया कि पुछड़ी में कार्रवाई के दौरान शांतिभंग करने की संभावना से संबंधित पुलिस रिपोर्ट मिली थी।
इस आधार पर कुछ लोगों को चिह्नित कर पाबंद किया गया है, उनसे मुचलके भराए जाएंगे। इधर राज्य आंदोलनकारी प्रभात ध्यानी ने कहा कि धामी सरकार राज्य की अवधारणा से जुड़े सवालों को बुलडोजर से रौंदना चाहती है।