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post authorjitendar nayyar 30 Oct 2026 716

नैनीझील में डूब रहे बच्चे को लोगों ने बचाया.

नैनीताल। शुक्रवार सुबह नैनीताल में एक नाबालिग झील में कूद गया, जिसे पर्यटकों समेत स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला। मॉर्निंग वॉल्क पर निकले उच्च न्यायालय के न्यायाधीश ने कपड़े मंगाकर गीले बच्चे के कपड़े बदले। बच्चे को परिजनों के आने तक तल्लीताल कोतवाली में बैठाए रखा।
मॉलरोड स्थित कैनेडी पार्क से एक नाबालिग बोट स्टैंड की जैटी में उतरा और फिर झील में कूद गया। बताया जा रहा है कि वहां मौजूद कुछ पर्यटकों ने इस घटना को देखा और हल्ला मचा दिया। हल्ला सुनकर वहां मौजूद टैक्सी ड्राइवर, बोट चालक और होटल गाइड मौके पर पहुँच गए। उन्होंने, तत्काल नाबालिग को झील से बाहर निकाला।
गीले कपड़ों के साथ नाबालिग को सड़क में लाया गया, तो वहां मॉर्निंग वॉक कर रहे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश और उनकी पत्नी ने बच्चे को देखा। उन्होंने अपने घर से कपड़े मंगाकर बच्चे को पहनाए। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मैम्बर सचिव प्रदीपमणि ने भी अपने कार्यालय के यशवंत कुमार को बच्चे के परिजनों तक पहुंचने की जिम्मेदारी सौंपी।
जानकारी के अनुसार नाबालिग लगभग 7ः45 बजे अलका बोट स्टैंड की जेटी पर पहुंचा और पानी मे उतर गया। उसे वहां मौजूद लोगों ने रैस्क्यू कर तल्लीताल थाने को संपर्क किया। सूचना पर पुलिस ने बच्चे को कब्जे में लेकर पहचान शुरू कराई। बूचड़खाने निवासी नवाब ने बताया कि लगभग 6 वर्षीय मूक बघिर बच्चे की पहचान के लिए हरीनगर, बूचड़खाने, वैष्णो देवी मंदिर ले जाया गया।
सवेरे 10 बजे जब नाबालिग के परिजन उठे तो उन्होंने बच्चा नहीं मिला। आनन फानन में तलाशते हुए परिजन तल्लीताल कोतवाली पहुंचे जहां बच्चे को देखकर माँ फूट फूटकर रोने लगी। परिजनों ने बताया कि बच्चा उनके सोने के दौरान, सवेरे उठकर दरवाजा खोलकर निकल गया। पुलिस ने सभी जानकारियां लेकर बच्चे को उसके परिजनों को सौंप दिया।