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post authorjitendar nayyar 21 Oct 2026 944

पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम धामी ने की कई घोषणाएं, 1600 पदों को जल्द भरने का एलान.

देहरादून। उत्तराखंड हर तरह से संवेदनशील है, कानून व्यवस्था बनाये रखने में उत्तराखंड पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। आज पुलिस की लड़ाई सड़को पर ही नहीं नशे के जाल, डिजिटल अपराध से भी है। ये युवाओ के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
नशा समाज की नीव को कमजोर करता है। नशे के सौदागरों के लिए उत्तराखंड में कोई जगह नहीं है। साइबर अपराध लगातार बढ़ रहा है। पुलिस को टेक्नोलॉजी की मदद से अपराधियों से दो कदम आगे रहना होगा। आधुनिक तकनीक से पुलिस को लैस किया जा रहा है। ये बाते मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेसकोर्स स्थित पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस परेड में कही।रेसकोर्स स्थित पुलिस लाइन में बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में पुलिस व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग में 1600 पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसके अलावा पुलिस जांच को बेतरह करने के लिए विवेचकों को जांच किट उपलब्ध कराई जाएगी।देहरादून में पुलिस ट्रांजिट हॉस्पिटल बनाने की भी मुख्यमंत्री ने घोषणा की। उन्होंने कहा कि देहरादून पुलिस अस्पताल को अपग्रेड किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों का त्याग, साहस सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि एक शहीद अपने परिवार का ही नहीं, देश का गौरव होता है। परिवार के जीवन में जो खालीपन आता है उसे कभी नहीं भरा जा सकता। खाकी वर्दी पहनने वाला व्यक्ति पहले समाज की सुरक्षा का ध्यान देता है। जब देश त्योहार मना रहा होता है, तब आप अपने परिवार से दूर रहकर रक्षा करते है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चारधाम, हेमकुंड साहब, कैंची धाम समेत सभी धाम में इस बार सर्वाधिक तीर्थ यात्री आए। इतने श्रद्धालुओं को सुरक्षित दर्शन कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था आसान नहीं है। उत्तराखंड पुलिस ने दिनरात मेहनत कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सहायता की। इससे देवभूमि का देशभर में मान बढ़ा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज के समय में पुलिस पर भी काफी तनाव है। सड़को से लेकर डिजिटल अपराध तक रोकने की जिम्मेदारी पुलिस के कंधे पर है। ऐसे में पुलिसकर्मी के लिए तनाव दूर करने के कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीद दो पुलिसकर्मियों के स्वजनों को सम्मानित किया। इस दौरान शहीद निरीक्षक धर्मेंद्र मलिक की पत्नी सुनीता और शहीद उप निरीक्षक विनोद पंवार की पत्नी नीलम को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।