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post authorjitendar nayyar 21 Aug 2026 646

राज्यपाल ने सुनीं पूर्व सैनिकों एवं दूरदराज क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं .

देहरादून 21 अगस्त। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को लोक भवन में आयोजित लोक मिलन कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों तथा प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश देते हुए कहा कि जनहित से जुड़े मामलों के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। लोक मिलन कार्यक्रम में उत्तरकाशी, अल्मोड़ा, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार एवं देहरादून जनपदों से आए 14 लोगों ने अपनी समस्याएं एवं सुझाव राज्यपाल के समक्ष रखे। इनमें भूमि संबंधी मामलों, रोजगार उपलब्ध कराने, ग्राम विकास कार्यों में सहयोग सहित विभिन्न व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याएं प्रमुख रहीं।  राज्यपाल ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि प्रत्येक मामले का नियमानुसार एवं निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने शिकायत निवारण अधिकारी को निर्देश दिए कि प्राप्त प्रकरणों को तत्काल संबंधित जिलाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को प्रेषित करते हुए उनके प्रभावी समाधान की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।  राज्यपाल ने कहा कि लोक भवन में समय-समय पर आयोजित होने वाले लोक मिलन कार्यक्रमों का उद्देश्य आमजन, विशेषकर पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनके समाधान के लिए संवेदनशील एवं प्रभावी पहल करना है।  इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में विशेष उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों ने भी राज्यपाल से भेंट की। मलेशिया में आयोजित द्वितीय एशियन पैरा थ्रो-बॉल प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले दिव्यांग खिलाड़ियों ने राज्यपाल से मुलाकात की। इसके अलावा काठमांडू में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कराटे प्रतियोगिता के पदक विजेता खिलाड़ियों ने भी राज्यपाल से भेंट की। विंटर गेम्स के अंतर्गत आइस स्टॉक नेशनल गेम्स में पदक हासिल करने वाली सुश्री शालिनी राणा ने भी राज्यपाल से मुलाकात की। राज्यपाल ने सभी खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों पर बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान डॉ. रमेश सिंह पाल, डॉ. कमल किशोर डुकलान एवं डॉ. हरेंद्र चौधरी ने अपनी स्वलिखित पुस्तकें राज्यपाल को भेंट कीं। उन्होंने अपनी पुस्तकों की विषयवस्तु एवं लेखन के संबंध में राज्यपाल को जानकारी दी। राज्यपाल ने उनके साहित्यिक प्रयासों की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दीं।