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post authorjitendar nayyar 18 Jul 2026 965

राज्यपाल ने किया उत्कृष्ट कार्य करने वालों  को सम्मानित                .

    देहरादून 18 जुलाईराज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शनिवार को लोक भवन में राष्ट्रीय सैनिक संस्था द्वारा आयोजित ‘नई शिक्षा नीति में नैतिक शिक्षा’ विषयक संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर राज्यपाल ने संस्था की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सदस्यों को भी सम्मानित किया।

  इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत युवाओं को आधुनिक तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के साथ-साथ नैतिक शिक्षा और चरित्र निर्माण से भी जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और विश्व गुरु बनने के लक्ष्य को हासिल करने में संस्कारवान युवाओं की अहम भूमिका होगी। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा, वेद, उपनिषद और ऋषि-मुनियों की शिक्षाएं नई पीढ़ी को जीवन मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि सत्य, ईमानदारी, निष्ठा और आत्मानुशासन जैसे मूल्य ही राष्ट्र को मजबूत बनाते हैं।

  राज्यपाल ने कहा कि नैतिक शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसे जीवन में व्यवहार के रूप में अपनाना आवश्यक है। यह उपदेश से नहीं, बल्कि उदाहरण से सीखी जाती है। राज्यपाल ने राष्ट्रीय सैनिक संस्था के सदस्यों से विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण, राष्ट्र प्रेम, अनुशासन और सेवा की भावना के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों के अनुभव का उपयोग शिक्षा संस्थानों में नेतृत्व विकास और नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए किया जाना चाहिए।